3 अरह् से आपु मुँझी पह्ली रंई थी, के “अमाँरी ताँईऐं खात्ती गाछ़ा पाथर आगु कुँण गाड़ल़ा?”
3 औरौ आपी मुंजी बौल़ौ थी, “आमु कारिए कब्रो कै दवारो पांदी दा पाथर कुण हौटालै?”