66 तुँऐं का सोंचीं लों?” तिन्ऐ जबाब दिता, “ऐ कसूरबार असो, अरह् मार्णों ज़ुगा असो।”
66 तुऐं का सुंचौ?” तिनु सौबीए बौल़ौ, “ऐसीखै मौरणौ कै सौजा दैंव।”