मत्ती 26:2 - Sirmouri2 “तुँऐं जाँणों के दू देसो पाछ़ी फ़सह को तियार असो, अरह् आदमी का बैटा शुँल़ी-फ़ाँशी चढ़ाणों खे थंम्बड़ाया ज़ादा।” Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम2 “तुऐं जाणौए दु दूसौ कै बाद फसह का तैयार औसौ, औरौ आदमी का बैटा क्रूसो पांदी चौढ़ाए जाणौ कारिए पोकड़ाए जांदा।” Viz kapitola |