मत्ती 24:45 - Sirmouri45 “कुँण्जा असो, सेजा बिश्वाष ज़ूगा, अरह् सम्झदार दास-बैठू, जेस कैई घर का मालिक आप्णें कुँड़बे-घरोऊँच़ीं की जूमेबारी दियों; के से बख्तो के मुँताबिक सोभी खे भोजन खाँणों का ईन्तजाँम करह्। Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम45 “औरौ ऐक भोरोशे लायक औरौ ईमानदार नोकर सैजा औसौ, जैसीकै मालिक तैसी ओकी नोकरो कै दैखभाल कौरणौ औरौ तिनुकै खियाणौ पियाणौ कै जुमैवार दैय सौकौ। Viz kapitola |