मत्ती 24:29 - Sirmouri29 “तिनू देसो के दुख-कल़ेष पाछ़ी तेख्णी ऐगड़िखे सुरूज ईनाँरा हंऐ ज़ाला, अरह् टिक्की का प्रकाष छाई-माँई हला, अरह् तारे अस्माँनों शे ऊदे झ़ंड़ले अरह् अस्माँनों की शँक्त्तिया तारा-मंडल़ झ़ींकाल़ो ज़ालो। Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम29 “दुखो का सौमय बितणौ कै बाद सुरज औरौ चांद पेयाशो ना दैंदै। औरौ तारै गौयण पौरैशै छुटी जांदै औरौ गौयण कै शौकतीशाली चीज़ौ आपणै ठाँव पौरैशी हिंजाल़ी जान्दी। Viz kapitola |