17 जुण्जे छापरो गाशी हों, से आप्णे घर दे समाँन लदे ऊदे ने आँव;
17 जू घोरो कै छोतौ पांदी हौलै, सै आपणै समान लोणो कारिए घोरे खै भीतरै नै जाया,