21 (परह् ऐजी दुष्ट-आत्त्मा बिना प्रार्थना अरह् बर्तो के बिना निकाल़्दी ने।)”
21 पौरौ ऐजी जाति बिना प्रार्थना औरौ उपवास कै ना निकल़ौ।”