मत्ती 15:18 - Sirmouri18 परह् जुण्जो किऐ ज़ात्ति-मुँह शो निकल़ो, तिन्दे का मंतल्व मंन सासो शा हों, से सेजो ही असो, जुण्जो आदमी पंणमिश्वर की नंजरी दे अशुद्ध करह्। Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम18 पौरौ जू किछै मुँह बाटी निकल़ौ, सै मन शै निकल़ौ, औरौ सैजौई आदमी खै अशुध्द कौरौ। Viz kapitola |