26 होर, सत्तिखे, हे पिता पंणमिश्वर, तुँवारी खुशी-आँनन्द ईन्दी असो।”
26 हौर बै, ओए रै पिता पौरमेशवर जिथुखै ताखै ऐजौ आछौ लागौ।”