24 परह् नीर्भाग असो, तुँऐं जू सैठ-अमीर असो; किन्देंखे के तुऐं आप्णा सुख-चंऐन भोग्गी पाया।
24 “पौरौ हाय तुऔं पांदी जू सैठ औसौ, जिथु तुऐं आपणी सुख चोयन पाए राए।”