49 “हाँव धर्ती गाशी आग लाँदा आऐ रूवा, अरह् ऐशो जाँणू के ऐजी आग हेभी भभकोन्दी लागो!
49 “हांव धोरती पांदी आग लांदा आए रौआ; औरौ का चोऊं सिरफ ऐजौ कै ऐजै आग इबी सिलकै जांव।