34 किन्देंखे के जेथै तुवाँरो धंन हलो; तैथी ही तुवाँरा मंन भे लागा रंह्दा।
34 जिथुकै तोंवारा मन सौदा तिथी लागैयौंदा रौंदा, जिथै तोंवारै धन-दौलत औसौ।”