याकूब 3:6 - Sirmouri6 तेष्णी ही अमाँरी जीभ भे आग जैष्णी हों, जीभ अमाँरें देह्-शरीर दा ऐक अ-धर्म का खजाना हऐ सको, जू अमाँरी बादी देह्-शरीर दा कंल़क अरह् अशुद्ध करी सको; अरह् आपु भे जीवन की चाल-ढाल नाँष कर्णो वाल़ी अगियाव दे बद्ल़ी ज़ाव, अरह् आपु भे नंरक के कुँन्ड दे तियों आगी लई सिल्गी ज़ाँव। Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम6 जीभ बै ऐक आग कै जैशणै औसौ; औरौ ऐजा शोरीर का सैजा हिस्सा औसौ जू बैजाए दुष्ट औसौ औरौ सारै शोरीर पांदी कलंक लांव, औरौ जीवन कै नाश कौरे सौकौ। ऐजै ऐक ऐशणै आग औसौ जू नरक शै आंव। Viz kapitola |