याकूब 1:4 - Sirmouri4 अरह् ईयों ढेठ-हिम्मत दे डटे अंदे रंह्, तबे तुँओं दे कियोंही बातो के कमी-घटी ने रंह्, तअ तुँऐं नीरदोष बंण्ले। Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम4 हरेक परीक्षा दा सब्र राखणा शिखौ, कै तुऐं आत्मिक रुप शै सियाणै हौए जांव, औरौ तुऔं दै कोसी बै आछै गुण कै कमी नै हौंव। Viz kapitola |