1 आपु मुझी तुऐं ओका ओकी आरी भाई-बंईणीं को जियों प्यार कर्दे रंह्।
1 ऐकी दूजै कै फिकर कौरदै रौव जैशै प्रभु कै चैलै खै कौरणी चैंई।