प्रेरितो कै काम 5:3 - Sirmouri3 ईन्दें गाशी संत्त-पतरस ऐ बुलो, के “ओ हनन्याह! कियो शैतान ऐ तेरे मंन गाशी ऐत्रा हंक-अधिकार करा, के तुऐ पबित्र-आत्त्मा शो झुठो बुलो; अरह् जुण्जे जीम्मीं तुऐं बीकी तिन्दें के दाँम किम्मत्त मुँझ़्शो तुऐ किऐ धन चुप्पी आपु कैई थुओ? Viz kapitolaसिरमौरी नौवाँ नियम3 पौरौ पतरसे बौल़ौ, “ओए रै हनन्याह! शैतानै तैरै मनो दै पवित्र आत्मा शै झूठु बौलणौ कै बात पाए राए, औरौ तुऐं आपणै बिकेयोंदे जायदात कै दामो का ऐक हिस्सा आपी कैंई राखै राए? Viz kapitola |