31 तिनू लोगे ऐं जबे सेजी पत्री पढ़ी, तअ तियों पत्री पढ़ियों सेजे मंडल़ी के लोग बैजाऐ आँनन्दित्त-खूशी हुऐ।
31 औरौ सै पौढ़ेयौ तैसी उपदैश कै बातौ शै बौहितै खुशी होवे।