22 किलैकी सच्चाई स मानना का द्वारा तुम शुद्ध करि गैछा अब तुमून अपून दगड़िया विश्वासी भाईन का दगाड़ प्रेम करूनो चैछो। येक कारण एक-दूसार स पुर मन ले प्रेम करून जारी राखा।