24 ओ दिन मन मे, ओ क्लेश कर बाद बेर हर अन्धार होए जाही, अउ जोन हर रोशनी नी देही;
24 ओ दिन में दुख तकलीफ कर पाछू, बेर हर अंधार होए जाही अऊ जोन हर इंजोर नई देही,