23 अउ ओहिच पहर, ओमन मन कर अराधनालय मे एक मैनसे रहिस, जेमे एगोठ प्रेत आत्मा रहिस।
23 ओही घनी ओमन कर सभा घर में एक झन मईनसे रहीस, जेकर भीतरी एगोट असुध आत्मा रहीस।