2 कुरिन्थी 12:15 - सरगुजिया बाइबिल15 मैहर तुमन मन कर आत्मा मन बर ढेरेच आनन्द ले खरचा करहू, बरन अपन ही खरचा होए जाहू। का जेतेक बईढ़ के मैहर तुमन मन ले प्रेम रखथो, ओतनेच ही घईट के तुमन मन मोर ले प्रेम रखिहा। Viz kapitolaSurgujia Bible15 तेकर ले जे जाएत मोर जग हवे, ओला मंए खुसी ले तुमन कर आतमा मन बर खरचा करहूं, बकिन मंए खुद अपन आप ला भी सोंएप देहूं। अगर मंए तुमन ला ढेर मया करथों, त का तुमन मोके थोरहें मया करीहा? Viz kapitola |