12 एकरे बर जेहर समझाथे, “मैहर जमे हो,” ओहर चवकन्ना रहे कि कहो गिर झिन जाए।
12 तेकर ले जेहर ए समझथे कि मंए बिस्वास में बजर हों, त ओहर सवाचेती रहे, ताकि पाप में झईन गिरे।