4 तीं यूहन्ना नओएं यक मेह्णु अरुणि धार अन्तर एई कइ प्रचार करण लगा कि “ओ मेह्णुओ! अपु अपु मन बदिल कइ पुओणि अन्तर चुसीण दिए। तोउं तुं पाप माफ भोई घेन्ते।”