11 जे मसीहे आत्मा तेन्हि अन्तर थी, से मसीहे दुख सीढ़णे त तढ़ेया पता तस सुआ इज्जत मेणे उगाही तेन्के धे दिती। तोउं त तेन्हि ई गणपुछ की कि मसीह कोउं भोई बटता, त ए सोब बोक कपल पूरी भुन्ति।