रोमियो 8:38 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान38 किल्हैकि मुखा आसा थोघ कि नां मौत, नां ज़िन्दगी, नां स्वर्ग दूत, नां राज़ करनै आल़ै, नां एभै, नां आगली ज़िन्दगीए फिकर, नां शगती, नां उछ़टी ज़ैगा, Viz kapitolaकुल्वी38 किबैकि हांऊँ पक्का जाँणा सा, कि न मौऊत, न ज़िन्दगी, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न शक्ति, न उँचाई, Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम38 किबेकि हाऊं मना कि नाह मऊत नाह जीबन, नाह स्वर्गदूत, नाह प्रधानतए, नाह बर्तमान; नाह भविष्य, नाह सामर्थ्य, नांई ऊँचाई। Viz kapitola |