रोमियो 7:2 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान2 ज़हा बेटल़ीओ बैह हआ हुअ द, सह हआ बधाने साबै आपणैं लाल़े ज़िऊंदी ज़िता तेऊ संघै गांठुई दी, पर ज़ै तेसो लाल़अ मरी गअ, ता सह हआ आपणैं लाल़े बधाना का आज़ाद। Viz kapitolaकुल्वी2 ब्याहूईदीं बेटड़ी मूसै रै बिधाना रै मुताबक लाड़ै रै ज़िन्दै होंदै सौ तेई सैंघै पक्की बोनुईदीं सा, पर ज़ैबै तेसा रा लाड़ा मौरा सा, ता सौ आपणै लाड़ै रै बंधना न आज़ाद होआ सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम2 किबेकि व्याही दी बेटडी व्यवस्था रे साबे तेवरे तक आपणे मर्दा री बेटडी रहणी जेबरे तक तसको मर्द जिऊंद साहा, पर जेबरे तसको मर्द मरे तेवरे सह आपणे मर्दा री व्यवस्था का छुटणी। Viz kapitola |