रोमियो 7:18 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान18 किल्हैकि मुखा आसा थोघ कि मेरै बूरै सभाबा दी निं कोई बी राम्बल़ी च़ीज़ बस्सदी, हुंह भलै काम करनै ता च़ाहा पर मेरै भलै निं हंदै। (मूल़ 6:5) Viz kapitolaकुल्वी18 किबैकि मुँभै पता सा कि मेरै शरीरा न कोई भी शोभली चीज़ नैंई रोहन्दी, भलै कोम केरनै री इच्छा ता मूँ आँध्रै बड़ी होआ सा, पर कोई भी शोभलै कोम मूँ न नैंई होंदै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम18 किबेकि हाऊं जाणा की महामें होर मेरे शरीरा में कोई रामडी चीज नांई रहंदी इच्छा तो महा में साहा पर भला काम महा का नांई हूंदा। Viz kapitola |