रोमियो 7:13 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान13 कै हाम्हैं इहअ बोली सका कि ज़ुंण बधान परमेशरै मुसा लै दैनअ, ज़ुंण हाम्हां लै बधिया त, सह कै हाम्हां परमेशरा का दूर निंयां? असली दी निं इहअ हई सकदअ। बधान ज़ुंण बधिया त तेता करै नाठअ हुंह पापा नेल़। मुखा त तेते नतिज़ेओ थोघ कि हुंह त परमेशरा का खास्सअ दूर। एसा गल्लो बी लागअ मुखा थोघ कि परमेशरै हाम्हां लै कै हुकम आसा दैनअ द, मुखा इहअ बी लागअ थोघ कि ज़ुंण किछ़ बी हुंह करा पैहलै करा त, सह आसा त असली दी पाप। Viz kapitolaकुल्वी13 ता कि बिधान शोभली ती, मेरै तैंईंयैं मौत ठहरी? कैधी नैंई! पर पाप तेसा शोभली चीज़ा री बजहा न, मेरै तैंईंयैं मौत पैदा केरनु आल़ा हुआ कि तेइरा पाप होंणा प्रगट होला, होर हुक्मा री बजहा न पाप होर भी पापमय ठहरू लोड़ी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम13 तेबा कैह जोह शोभला थी सह महावै मउत होई? कधी नांई पर पाप तेसा रामडी चीजा सगे महा वै मउती पैदा करण आलअ होऊ की तेऊरे पाप हुणे, होर आज्ञा संघे पाप बहू होए। Viz kapitola |