रोमियो 7:11 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 ज़ेभै हुंह पाप करनअ च़ाहा त, हुंह समझ़ा त इहअ कि मुंह भेटणीं सदा रहणैं आल़ी ज़िन्दगी ज़ै हुंह बधाने सोभी गल्ला मंदअ। पर मेरी अह सोठ ती गलत। हुंह समझ़ा त इहअ कि हुंह सका पाप करनअ और बधान दुहै एकी बारी करी। असली दी त लाअ द हुंह सदा लै आप्पू का दूर करी किल्हैकि हुंह निं बधाने कोही गल्ला पूरी करी सकअ। (रोमी 7:8) Viz kapitolaकुल्वी11 किबैकि पापै मौका पाईआ हुक्म री बजहा न मुँभै धोखा धिना, होर तेथा रै ज़रियै मुँभै परमेश्वरा न अलग केरू। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 किबेकि पापे मोका पाई करे आज्ञा संघे हाऊं भडकाऊ होर तेता, संघे हाऊं मारी भी पाऊ। Viz kapitola |