रोमियो 7:10 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान10 तेखअ ज़ाण्हूंअ मुखा कि हुंह त परमेशरा का दूर। ज़हा बधाना करै मुंह सदा रहणैं आल़ी ज़िन्दगीए आशा ती, तेते ई हुकमा करै आई मुल्है मौत। (लेबी बधान 18:5) Viz kapitolaकुल्वी10 होर सौहै हुक्म ज़ुण मेरी ज़िन्दगी री तैंईंयैं ती, तेसै हुक्कमे मुँभै परमेश्वरा न अलग केरू। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम10 होर हाऊ मुअ होर सह आज्ञा, जोह जिंदगी री तरफा बे नीणे वै थी, महा वै मरने री बजा होई। Viz kapitola |