रोमियो 5:4 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान4 और सबर करी करै बूरै बगता दी खरै निखल़णैं करै हआ आशा पैईदा, Viz kapitolaकुल्वी4 होर किबैकि आसै धीरजा न मजबूत सी, परमेश्वर आसाबै मंजूरी देआ सा, होर किबैकि आसाबै सौ मंजूरी देआ सा आसाबै आश सा; Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम4 होर धीरजा का ठीक हुन्दा, होर ठिक निखल्णे का आशा पैदा हुंदा। Viz kapitola |