रोमियो 4:7 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान7 “परमेशर हआ तिन्नां लोगा करै खुश ज़सरै पाप कर्म माफ हुऐ और ज़सरै पाप माफ हुऐ। Viz kapitolaकुल्वी7 “धन्य सी तै, ज़ुणिरै बुरै कोम माफ केरै, होर ज़ुणिरै पाप बिसरै। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम7 धन्य साहा सह जासका अधर्म माफ होऊ, होर जासके पाप ढोपी। Viz kapitola |