रोमियो 12:1 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान1 भाईओ, हुंह करा तम्हां का परमेशरै झींण आद फरेऊई करै अरज़ कि परमेशरा सम्हनै करा आपणीं ज़िन्दगी ज़िऊंदै बल़ीदाना ज़िहअ पबित्र बल़ीदान और ज़ुंण परमेशरा बधिया लागा। अह ई आसा तेऊए भगती करने असली बात। Viz kapitolaकुल्वी1 तैबै ओ भाइयो बैहणियो, हांऊँ तुसाबै परमेश्वरा री दया याद कराईया तुसा न अर्ज़ा केरा सा, कि आपणै शरीरा बै ज़िन्दा, होर पवित्र, होर ज़ुण परमेश्वरा बै शोभला लागा सा बलिदान केरिया चढ़ात्; ऐ तुसरा परमेश्वरा री सेवा केरनै रा सही तरीका सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम1 तेबा हे भाईयो, हाऊं तमावै परमेश्वरा री दया दिलाई करी करे तमा का बिनती करा, कि शरीरा वै जिऊंदे, होर पवित्र, होर जोह परमेश्वरा भाए तेता बलिदान चड़ाए, यह थारी आत्मिक सेवा साहा। Viz kapitola |