रोमियो 1:30 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान30 बदनाम करनै आल़ै, परमेशरे आछी दी च़िल़्हखरै और होरीए बेइज़ती करनै आल़ै घमंडी, डींगमार, बूरी-बूरी गल्ला बणांणैं आल़ै आपणैं आम्मां-बाप्पूए गल्ला नांईं शुणनै आल़ै। Viz kapitolaकुल्वी30 गप-शप केरनु आल़ै, निन्दा केरनु आल़ै परमेश्वरै री नज़री न बुरै, होरी रा अनादर केरनु आल़ै, घातक हमला केरनु आल़ै घमण्डी, डिंगा मारणु आल़ै, बुरी-बुरी गैला रै केरनु आल़ै, आमा बापू री गैला नी शुणनु आल़ै, Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम30 बदनाम करने आले, परमेश्वरा का रोषा डाहण आले, दूजे री बेचती करने आले, घमण्डी, डींग मारन आले, बुरी-बुरी गल्लां बणाउण आले, आपणे आम्मा बापू री आज्ञा नांई शुणन आले, Viz kapitola |