रोमियो 1:17 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान17 एऊ खुशीए समादा करै बणांआ परमेशर हाम्हां आप्पू संघै धर्मीं; अह हआ शुरू का खिरी तैणीं विश्वासा करै, ज़िहअ पबित्र शास्त्रा दी लिखअ द बी आसा, “सह ज़ुंण परमेशरै विश्वासा करै धर्मीं बणांअ सह रहणअ ज़िऊंदअ।” (हबक्कूक 2:4; गलाती 3:11) Viz kapitolaकुल्वी17 एथा न परमेश्वर आसाबै आपणी नज़री न सही ठहरा सा कि शुरुआती न आखरी तैंईंयैं ऐ पूरी तैरहा बशाह केरिया, ज़ैण्ढा शास्त्रा न लिखू सा कि, “सौ मांहणु ज़ुणियै परमेश्वरै बशाह रै ज़रियै धर्मी ठहराऊ सा ज़िंदै रोहणा।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम17 किबेकि तताका परमेश्वरा री धार्मिकता बुशाह का होर बुशाह वै प्रकट हुंदा; जेहड़ा लिखुदा साहा, बुशाह का धर्मी मणश जिऊंदअ रहण। Viz kapitola |