प्रकाशितवाक्य 9:19 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान19 किल्हैकि लोगा मारना लै ती तिन्नां घोल़े शगती ती तिन्नें खाखा और तिन्नें लिंघणैं दी; तैहीता तिन्नें लिंघणैं दानुईं ज़िहै तै और तिन्नां लिंघणैं दी तै मूंड बी और एता करै ई दैआ तै तिंयां दुख। Viz kapitolaकुल्वी19 किबैकि तिन्हां घोड़ै री सामर्थ तिन्हरै मुँहा न होर पूँछा न ती किबैकि तिन्हरी पूँछ कीड़ै सांही ती होर तिन्हां पूँछै री मुँडी भी ती होर एथै लाइया ते लोका बै दु:ख देआ ती। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम19 किबेकि त्याह घोडे री सामर्थ्य त्याह रे मुहा होर लिघणे में थी, तेबा की त्याह रे लिघणे सर्पा जेहे थी, होर त्याह रे लिघणे रे मुह भी थी होर एथी अधिकार का त्याह दुःख पजेरा थी। Viz kapitola |