प्रकाशितवाक्य 9:18 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान18 ज़ुंण माहा मरी; मतलब-आग, धूँ और गंधका का ज़ुंण तेऊए मुंहां का निखल़ा ती, तेता करै पाऐ तिन्नैं मणछा मांझ़ै चिऊथअ निसब मारी। Viz kapitolaकुल्वी18 इन्हां त्रा महामारी मतलब, औग, धुँऐ होर गन्धक ज़ो तिन्हरै मुँहा न निकल़ा ती तेथै लाइया मांहणु रा एक तिहाई हिस्सा मारूआ। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम18 याह चीही महामारी रा मतलब आग होर धुँआ होर गन्धक का जोह तेऊरे मुहा का निखदअ थी तेता बाद मणश आधे का ज्यादा मारी पाई थी। Viz kapitola |