प्रकाशितवाक्य 6:11 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 तिन्नां सोभी लै दैनै शेतै झिकल़ै और तिन्नां लै डाहअ इहअ बोली, “धख करा तम्हैं होर थोल़ी घल़ी बशैघ। ज़ेभै तैणीं कि थारै साथी संघी टैहलू, भाई ज़ुंण तम्हां ई ज़िहै मारी आसा लाऐ दै, तिन्नें बी गिणती पूरी नां होए।” Viz kapitolaकुल्वी11 होर तिन्हां न हर एकी बै शेतै झिकड़ै धिनै होर तिन्हां बै बोलू, थोड़ी देर होर बशाँ केरा, ज़ैबै तैंईंयैं कि तुसरै सैंघी दास, भाई होर, ज़ो तुसा सांही वध होणू आल़ै सी तिन्हरी भी गिणती पूरी नी होली। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 होर त्याह में सभी वै शेते झिकड़े दीने , होर तेऊवै बोलू, की होर थोड़ी देर तणी तक आराम करा, जेबरे तणी की थारे संघी नोकर होर भाई जोह तमा जेह मरने आले थी त्याहरी भी गिनती पूरी नांई होए। Viz kapitola |