प्रकाशितवाक्य 5:6 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान6 तेखअ भाल़अ मंऐं तिन्नां तेऊ राज़गादी और च़ऊ प्राणीं और तिन्नां सैणैं मांझ़ा-मांझ़ी, ज़िहअ एक बल़ी किअ द मिम्मूं खल़अ, तेऊए तै सात शींग और सात आछी, ईंयां आसा परमेशरे सात आत्मां सारी पृथूई लै छ़ाडी दी। (जकर्याह 4:10) Viz kapitolaकुल्वी6 फिरी मैं तेई सिंहासन होर तिन्हां च़ार प्राणी होर तिन्हां चौऊबी स्याणै रै बिच़ा न एक मेमणा खड़ा हेरू। मेमणै रै शरीरा न ऐ हस्ताक्षर केरूऐदै ती कि ऐ पैहलै वध केरूआ ती; तेइरै सौत शींग होर सौत औछ़ी ती। ऐ परमेश्वरै री सौत आत्मा सी ज़ो सारी धौरती पैंधै भेज़ी सी। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम6 होर मांई तेऊ सिंहासन रे चहू तरफा रे प्राणी, होर त्याह बजुर्गा रे बीचा में, मना की एक काटू दअ गाभु, तेऊरे सात शिंग होर सात आछी, याह परमेश्वरा री सात आत्मा, जोह सारी धरती में भेजी दी साहा। Viz kapitola |