प्रकाशितवाक्य 3:16 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान16 तूह आसा स्तोती, तूह नां ठांढी और नां ताती आथी, तैहीता मंऐं तूह आपणीं खाखा का पोर्ही लाई हुकरी। Viz kapitolaकुल्वी16 तू गुनगुना सा, होर न ठँडा, न गर्म, हांऊँ तौभै छ़ौड़नू आल़ा सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम16 तेबा की तूह गुनगुनअं साहा, होर ना ठांडअ होर ना गर्म हाऊं ता आपणे मुँहां में निगल़णे में साहा। Viz kapitola |