प्रकाशितवाक्य 3:11 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 हुंह आसा छ़ेकै एछणैं आल़अ, ज़ुंण ताह सेटा आसा, तेता डाहै मेरै फिरी एछणैं तैणीं थम्हीं कि कोई तेरअ मुगट नां छ़ड़ैऊई सके। Viz kapitolaकुल्वी11 हांऊँ छ़ेकै ऐणु आल़ा सा। ज़ो किछ़ तौ हागै सा तेइबै थामिया रख कि कोई तेरै मुकटा बै नी च़टेरला। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 हाऊं छेकअ ईणे आलअ साहा, जोह कुछ ताह सेटा साहा, जोह कुछ ताह सेटा साहा तेऊ पाके ढाकी डाहे की कोई तेरे मुकटा चोरी नांई नीये। Viz kapitola |