प्रकाशितवाक्य 22:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 तेखअ निं कधि राच पल़णीं। ज़ुंण लोग तिधी रहा तिन्नां निं प्रैशै लै लाटूए ज़रुरत आथी। नां तिन्नां प्रैशै लै सुरज़े ज़रुरत आथी। किल्हैकि तिधी आसा परमेशर आप्पै ज़ुंण लोगा लै प्रैशअ दैआ। तेखअ ज़ुंण लोग तिधी रहा तिन्नां करनअ जुगै-जुगै राज़। (याशायाह 60:19; दानिएल 7:27) Viz kapitolaकुल्वी5 होर फिरी रात नी होंणी होर तिन्हां बै दीऐ होर सूरज़ै रै प्याशै री ज़रूरत नी होंणी, किबैकि प्रभु परमेश्वरा तिन्हां बै प्याशा देणा होर तिन्हां ज़ुगा-ज़ुगा तैंईंयैं राज़ केरना। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 होर तेहुकी राच नांई हुणी, होर त्याह सजीये होर सुरजा रे प्र्याशे री ज़रुरत नांई हुणी किबेकि त्याह वै परमेश्वरा त्यहा बे प्र्याशा दीणा होर त्याह जुगे -जुगे राज करना। Viz kapitola |