प्रकाशितवाक्य 22:4 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान4 परमेशर भाल़णअ तिन्नां मुंहां सम्हनै और तिन्नें माथै हणअ तेऊओ नांअ लिखअ द। Viz kapitolaकुल्वी4 तिन्हां सौ आमनै-सामनै हेरना होर तेइरा नाँ तिन्हरै मौथै पैंधै लिखुआँदा होंणा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम4 त्याह तेऊरअ मुह हेरण होर तेऊरा ना त्याहरे माथे में लिखुदा हुणा। Viz kapitola |