प्रकाशितवाक्य 22:10 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान10 तेखअ बोलअ तेऊ मुंह सेटा इहअ, “एसा कताबा दी प्रगट किऐ दै समादा निं गुप्त डाही किल्हैकि इना गल्ला पूरी हणैंओ बगत गअ नेल़ एछी। Viz kapitolaकुल्वी10 फिरी तेइयै मुँभै बोलू, “ऐसा कताबै री भविष्यवाणी री गैला बै बन्द मत केरदा किबैकि बौक्त नेड़ सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम10 तेबा तेऊ महा का बोलू, एसा कताबा री भविष्यवाणी री गला बंद नांई करे, या लिख किबेकि वक्त नेड साहा। Viz kapitola |