प्रकाशितवाक्य 21:5 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान5 ज़ुंण राज़गादी प्रैंदै त बेठअ द, तेऊ बोलअ इहअ, “भाल़, मंऐं लाई सोभै गल्ला नऊंईं करी।” तेखअ बोलअ तेऊ इहअ, “इना गल्ला लिख, किल्हैकि ईंयां बैण आसा विश्वास करनै जोगी और शुचै।” (याशायाह 42:9) Viz kapitolaकुल्वी5 होर ज़ो सिंहासना पैंधै बेठा ती तेइयै बोलू, “हांऊँ सैभ किछ़ नोंऊँआं केरा सा।” तैबै तेइयै बोलू, “लिख, किबैकि ऐ वचन विश्वासयोग्य होर सच़ै सी।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम5 तेबा जोह सिंहासना पेन्दे वैठदअ थी, तेऊ बोलू, महा सवै साहा नया बडाउणा, तेहुकि तेऊए बोलू लिख, किबेकि याह बचन बुशाह लाईक होर सच्ची साहा। Viz kapitola |