प्रकाशितवाक्य 21:19 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान19 तेसा नगरीए थल़्है तै सोभी रंगे किम्मती पात्थरा करै बणांऐं दै। पैहली आथरी ती यशब, दुजी, नीलमणीं, चिऊथी लालड़ी और च़ौथी मरकते। (याशायाह 54:11-12) Viz kapitolaकुल्वी19 होर तेई नगरै री मनियाद हर किस्मै रै कीमती पात्थरै लाइया सँवारूईदी ती। पैहली मनियाद यशबै रै ती, दुज़ी नीलमणि री, त्रीजी लाल री होर च़ोऊथी मरकतै री ती। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम19 तेऊ नगरा री मनीयाद हर तरहा रे मेहगे पात्थरे संघे बनाई दी थी, पहिली मनियाद यशबा री, दूजी नीलमणि री, होर चिऊणी लालड़ी री, होर चऊथी मरकता री। Viz kapitola |