प्रकाशितवाक्य 21:17 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान17 एता बाद नापी तेऊ स्वर्ग दूतै सह दुआल कि केतरी उछ़टी आसा, तेऊ नापी सह तेऊ साबै ज़िहै मणछ नापा, ता सह दुआल निखल़ी 144 हाथ। Viz kapitolaकुल्वी17 होर स्वर्गदूतै मांहणु रै बनाऐदै नापा रै मुताबक दीवार नापी ता सौ एक शौऊ चौताल़ी हौथ निकती। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम17 होर तेऊये तेऊरी दीबार वै मणशा रे, मतलब स्वर्गदूता रे नापा रे साब नापू, तेबा एक शअ चाहली हाथ निकदअ। Viz kapitola |