प्रकाशितवाक्य 20:7 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान7 ज़ांऊं हज़ार साला पूरी हणीं, ता तेखअ छ़ाडणअ राख्स कैद खानै का पोर्ही। Viz kapitolaकुल्वी7 होर ज़ैबै हज़ार बौर्ष पूरै होलै ता शैतान कैदा न छ़ौड़िना। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम7 जेबरे हज़ार साला पूरी हुणी तेबरे शैतान जेला का छाडण। Viz kapitola |