प्रकाशितवाक्य 2:9 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान9 “‘मुखा आसा थोघ कि ताह भेटै खास्सै दुख और तूह आसा गरीब। पर तूह आसा दिला का असली दी सेठ। मुखा आसा तिन्नें बारै थोघ ज़ुंण आप्पू लै इहअ बोला कि तिंयां आसा परमेशरे छ़ांटै दै लोग, पर तिंयां निं आथी। तिंयां बोला तेरै बारै बूरी गल्ला, पर तिंयां आसा राख्से मंडल़ी दी साझ़ू। Viz kapitolaकुल्वी9 हांऊँ तेरै दु:ख होर तेरी दरिद्रता बै ज़ाणा सा, पर तू सेठ सा, ज़ुणा लोका आपणै-आपु बै यहूदी बोला सी होर ऑथि नी, पर शैताना री आराधनालय सी, तिन्हरी निन्दा बै भी ज़ाणा सा। Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम9 हाऊं तेरे दुखा होर कलेशा जाणा (पर तुह सेठ साहा) होर जोह लोका आपणे आपा वै यहूदी बोला होर साहा नांई पर शैतान री मंडली साहा, त्याहरी निन्दा भी जाणा। Viz kapitola |