प्रकाशितवाक्य 2:11 - बाघली सराज़ी नऊंअ बधान11 “ज़ै कुंण समझ़णअ च़ाहे तै दै एसा गल्ला दी धैन कि परमेशरे आत्मां मंडल़ी लै किज़ै बोला! ज़ुंण ज़िते तिन्नां लै निं दुजी मौतो दुख हणअ ज़ेभै खिरी परमेशरा न्याय करनअ। Viz kapitolaकुल्वी11 ज़ो कोई मेरै सन्देशा बै समझ़णा चाहा सा तेइबै ध्याना सैंघै शुणना चेहिऐ ज़ो पवित्र आत्मा मण्डली बै कि बोला सा, ज़ुण लोका जय पालै तिन्हां बै तेसा दुज़ी मौऊत न नुकसान नी पुजणा।” Viz kapitolaईनर सराजी मे नया नियम11 जासके कनेट साहा त्याह शूणा, की आत्मा कलीसिया बे कह बोला की जोह जय पाए तेऊ दूजी मउता का हानि नांई हुणी। Viz kapitola |